नई दिल्ली, 22 मई ।
सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने और पूजा-पाठ, तंत्र विद्या व आध्यात्मिक उपायों के नाम पर ठगी करने वाले साइबर गिरोह का मध्य जिला साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने पंजाब के मोहाली से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपित सोशल मीडिया के जरिए देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और अब तक दो हजार से अधिक लोग इनके संपर्क में आ चुके हैं।
मध्य जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि साइबर थाना में ई-एफआईआर संख्या 0092/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को जानकारी दी थी कि सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक उपचार का दावा करने वाले कुछ लोगों ने निजी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिलाकर उसे झांसे में लिया। आरोपितों ने विशेष पूजा, अनुष्ठान, तंत्र विद्या और आध्यात्मिक उपाय कराने का दावा करते हुए अलग-अलग किश्तों में उससे कुल 2.51 लाख रुपये ठग लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर योगराज दलाल की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने व्हाट्सएप नंबर, इंस्टाग्राम अकाउंट, आईपी डिटेल, लॉगिन सेशन और डिजिटल फुटप्रिंट का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके साथ ही बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन पड़ताल की गई।
जांच में मिले अहम सुराग पंजाब के मोहाली क्षेत्र तक पहुंचे, जिसके बाद पुलिस टीम ने एक फ्लैट पर दबिश देकर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों की पहचान राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी 21 वर्षीय गणेश और 21 वर्षीय मनदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों एक ही फ्लैट में रूममेट बनकर रह रहे थे। गणेश दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बीए चौथे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है, वहीं मनदीप सिंह आईटीआई डीजल मैकेनिक कोर्स के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुका है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित “ऑल प्रॉब्लम सॉल्यूशंस” नाम से संगठित साइबर ठगी नेटवर्क संचालित कर रहे थे। दोनों इंस्टाग्राम और फेसबुक पर “जैनब खान”, “मुस्कान खान”, “कविता चौधरी”, “जारा खान” और “इस्लाम वजीफा” जैसे नामों से फर्जी महिला प्रोफाइल बनाते थे। इन प्रोफाइल के जरिए सोशल मीडिया पोस्ट पर फर्जी सफलता की कहानियां साझा की जाती थीं और दावा किया जाता था कि प्रभावशाली आध्यात्मिक विशेषज्ञ ने प्रेम संबंध, विवाह, पारिवारिक विवाद या अन्य निजी समस्याओं का समाधान किया है।
जब लोग इन प्रोफाइल के संपर्क में आते थे, तब आरोपित उन्हें अपना व्हाट्सएप नंबर साझा कर खुद को आध्यात्मिक विशेषज्ञ बताकर बातचीत शुरू करते थे। इसके बाद लोगों की निजी परेशानियां जानकर उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित किया जाता और फिर पूजा सामग्री, अनुष्ठान, तंत्र विद्या व विशेष उपायों के नाम पर किश्तों में रकम मांगी जाती थी।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से पांच स्मार्टफोन भी बरामद किए हैं। इनमें फर्जी इंस्टाग्राम और फेसबुक प्रोफाइल, व्हाट्सएप चैट, क्यूआर कोड, फोटो समेत अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जांच के दौरान अब तक 2000 से अधिक लोगों से संपर्क का डाटा सामने आया है। फिलहाल मामले की आगे जांच जारी है।






.jpg)







