सवाई माधोपुर, 19 मई।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में दो बाघिनों के अचानक लापता हो जाने से वन विभाग में चिंता और हड़कंप की स्थिति बन गई है, जहां दोनों बाघिनें कई दिनों से कैमरा ट्रैप और गश्ती टीमों की निगरानी से बाहर हैं।
लापता बाघिनों की पहचान आरबीटी-2504 ‘माही’ और आरबीटी-2510 के रूप में हुई है, जिनकी खोज के लिए वन विभाग ने व्यापक स्तर पर सर्च अभियान शुरू कर दिया है।
जंगल में पांच विशेष टीमें लगातार पैदल गश्त कर रही हैं, जबकि लगभग 100 कैमरा ट्रैप के माध्यम से पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार बाघिन आरबीटी-2504 ‘माही’ प्रसिद्ध बाघिन टी-124 रिद्धि की संतान है और हाल के महीनों में दोनों के बीच क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति भी सामने आ चुकी है।
तीन मई को मां और बेटी के बीच तीव्र संघर्ष हुआ था, जिसके बाद से माही का कोई मूवमेंट दर्ज नहीं हुआ है और वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है।
वन अधिकारियों के अनुसार माही को आखिरी बार 2 मई को जोन 2, 3 और 4 के लेक क्षेत्र में देखा गया था, जहां वह अपने लिए अलग टेरिटरी बनाने की कोशिश कर रही थी।
करीब 17 दिनों से उसके किसी भी प्रकार के मूवमेंट का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है, जिससे विभाग की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
इससे पहले दिसंबर 2025 में भी माही और उसकी मां के बीच संघर्ष की घटना सामने आई थी, जिसमें माही के कान पर चोट के निशान मिले थे, जबकि रिद्धि लंगड़ाकर चलती हुई देखी गई थी।
इसी बीच दूसरी बाघिन आरबीटी-2510 को लेकर भी वन विभाग की चिंता बढ़ गई है, जो टी-107 सुल्ताना की संतान बताई जाती है और जिसका मूवमेंट झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी और फलोदी क्षेत्र में दर्ज होता रहा है।
यह बाघिन अक्सर बाघ 2407 के साथ देखी जाती थी और लगभग 28 दिन पहले दोनों का मूवमेंट झूमर बावड़ी क्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया था।
इसके बाद से आरबीटी-2510 का भी मूवमेंट पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि वह मां बनने की स्थिति में हो सकती है।
वन विभाग ने दोनों बाघिनों की तलाश के लिए निगरानी और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है तथा पांच टीमें जंगल में लगातार पैदल गश्त कर रही हैं।
टीमों को पगमार्क, शिकार के अवशेष और अन्य संकेतों के आधार पर खोज अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोनों बाघिनों का जल्द पता लगाया जा सके।
साथ ही रणथंभौर के संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप की संख्या बढ़ाकर लगभग 100 कर दी गई है, जिससे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके।
वन विभाग का कहना है कि दोनों बाघिनों की तलाश को गंभीरता से लिया जा रहा है और टीमें लगातार सक्रिय हैं, तथा उम्मीद है कि जल्द ही उनका मूवमेंट ट्रेस कर लिया जाएगा।






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