तिरुवनंतपुरम, 18 मई।
केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के विधायक दल के नेता वडास्सेरी दामोदरन सतीशन ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। उनके साथ कुल बीस विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में सतीशन और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मंत्रिपरिषद में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के विधायक शामिल हैं।
इस नई सरकार में कांग्रेस के ग्यारह, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पांच तथा संयुक्त मोर्चे के अन्य घटक दलों के एक-एक प्रतिनिधि को मंत्री पद दिया गया है। इनमें केरल कांग्रेस जोसेफ, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी, केरल कांग्रेस जैकब तथा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने सतीशन को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य की नई सरकार को जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति में हर संभव सहयोग देगी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
इस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।
इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य दलों के वरिष्ठ नेता भी इस आयोजन में शामिल हुए, जिससे यह कार्यक्रम एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।
कांग्रेस की ओर से शामिल किए गए मंत्रियों में कई वरिष्ठ और नए चेहरे शामिल हैं, वहीं मुस्लिम लीग और अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। इस मंत्रिपरिषद में दो महिला मंत्रियों और अनुसूचित जाति वर्ग के दो सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
सतीशन पहली बार किसी सरकारी पद पर पहुंचे हैं और वर्ष दो हजार एक से परवूर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। नई टीम में कई ऐसे विधायक शामिल हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सेंट्रल स्टेडियम पूरी तरह खचाखच भरा रहा और मंत्रियों की शपथ के साथ पूरा परिसर नारों और तालियों से गूंज उठा।
राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए सत्ता में वापसी की है, जिससे एक दशक बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है। अब नई सरकार के सामने राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बड़ी चुनौती होगी।






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