कोलकाता , 20 मई ।
उत्तर बंगाल के आठ जिलों से तृणमूल कांग्रेस के 14 विधायकों को सिलीगुड़ी में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में इस पहल को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बताया गया कि इस निर्णय को राजनीतिक शिष्टाचार और लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है, जहां विपक्षी जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार उत्तर बंगाल के इन जिलों में तृणमूल कांग्रेस ही प्रमुख विपक्षी दल है, जिसके निर्वाचित विधायक मौजूद हैं, इसलिए सभी 14 विधायकों को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया।
जानकारी के अनुसार, यह कदम मुख्यमंत्री के विशेष आग्रह पर उठाया गया, जिसमें जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी प्रतिनिधियों की राय और सुझावों को भी शामिल करने की बात कही गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस पहल के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका को लेकर एक नया संदेश देने की कोशिश की गई है, जबकि पूर्व में इस प्रकार की परंपरा में बदलाव देखने को मिला था।
उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में तृणमूल कांग्रेस के कुल 14 विधायक हैं, जिनमें कुछ जिलों में एक भी विधायक नहीं है, जबकि अन्य जिलों से कई विधायक शामिल हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री के देर शाम कोलकाता लौटने और इसके बाद सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने की भी संभावना जताई गई है।






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