नई दिल्ली, 09 जून।
केंद्र सरकार ने अपनी नवरत्न कंपनी एनएलसी इंडिया लिमिटेड में 'ऑफर फॉर सेल' (ओएफएस) के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बिक्री पेशकश के तहत सरकार तीन फीसदी हिस्सेदारी बाजार में लाएगी, जिसके लिए प्रति शेयर 303 रुपये का फ्लोर प्राइस निर्धारित किया गया है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, ओएफएस का लाभ उठाने के लिए गैर-खुदरा निवेशकों के लिए विंडो आज से खुल गई है। खुदरा निवेशकों को यह मौका बुधवार को मिलेगा। ओएफएस का फ्लोर प्राइस 303 रुपये प्रति शेयर तय हुआ है, जो सोमवार को बीएसई पर दर्ज 335.65 रुपये के अंतिम बंद भाव के मुकाबले करीब 9.73 फीसदी कम है।
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि भारत सरकार एनएलसी इंडिया लिमिटेड में शुरुआती तौर पर दो फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिक मांग होने पर एक फीसदी अतिरिक्त 'ग्रीन शू' विकल्प का प्रयोग किया जाएगा। चावला ने एनएलसी के बेहतर परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए एक बेहतरीन विकल्प बताया।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के विनिवेश के जरिए 12,166 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। इस राशि में कोल इंडिया से 5,542 करोड़ रुपये, एनएचपीसी से 4,357 करोड़ रुपये और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 2.27 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी बिक्री से प्राप्त धन शामिल है।













