नई दिल्ली, 09 जून।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग को लेकर एक बड़ा अनुमान साझा किया है। उन्होंने कहा कि नवाचार, वैश्विक साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती पहुंच के दम पर देश का दवा उद्योग अगले पांच वर्षों में दोगुना हो जाएगा।
यह बात उन्होंने दिल्ली में फार्मास्युटिकल क्षेत्र पर आयोजित ग्लोबल एंबेसडर मीट और हेल्थकेयर प्रदर्शनी के कर्टेन रेजर समारोह को संबोधित करते हुए कही। गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल जेनेरिक दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शोध और उच्च-गुणवत्ता वाले चिकित्सा उत्पादों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत एक विश्वसनीय वैश्विक स्वास्थ्य सेवा भागीदार के रूप में उभरा है। अमेरिका के बाहर भारत में सबसे अधिक यूएस एफडीए-अनुमोदित विनिर्माण इकाइयां हैं और दुनिया भर में वैक्सीन उत्पादन में हमारी हिस्सेदारी बहुत बड़ी है।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत किफायती चिकित्सा समाधान उपलब्ध कराने के साथ ही मुनाफाखोरी रोकने और आवश्यक दवाओं के समान वितरण को भी सुनिश्चित कर रहा है। भारत का यह फार्मा सेक्टर भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।












