नई दिल्ली, 09 जून।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की प्रगति के मूल मंत्र को साझा करते हुए राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना ने देश को एक नई ऊर्जा प्रदान की है, जिससे हम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के प्रति समर्पण को अपनी सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि सेवाभाव और निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज भारत वैश्विक पटल पर एक सशक्त शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए सच्चे बुद्धिमान व्यक्ति की परिभाषा भी समझाई। श्लोक के माध्यम से उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति नेक कार्यों में लगा रहता है, समाज कल्याण के लिए समर्पित रहता है और दूसरों के अच्छे कार्यों का सम्मान करता है, वही वास्तव में बुद्धिमान है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश देशवासियों को सकारात्मकता और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित करता है। सरकार का यह संकल्प है कि इसी निष्ठा और सेवाभाव के साथ भारत को सर्वांगीण विकास के शिखर तक पहुंचाया जाए।













