भोपाल, 09 जून।
भोपाल सेंट्रल जेल में निरुद्ध पूर्व न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और समर्थ सिंह को विशेष सुविधाएं दिए जाने संबंधी चर्चाओं पर जेल प्रशासन ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया है। जेल विभाग का कहना है कि विशेष सुविधा दिए जाने संबंधी खबरों का तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
जेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार गिरीबाला सिंह को किसी प्रकार की अतिरिक्त या विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। हालांकि उनके जेल वारंट में दर्ज सुरक्षा व्यवस्था संबंधी निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि न्यायिक सेवा के दौरान उन्होंने कई मामलों में फैसले दिए थे, जिसके चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती व्यवस्थाएं की गई हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा संबंधी प्रबंध और विशेष सुविधाएं दो अलग-अलग विषय हैं। जेल में सभी बंदियों के लिए समान नियम लागू हैं और किसी भी कैदी को विशेष खान-पान, आवास या अन्य अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। प्रत्येक बंदी को निर्धारित नियमों के अनुसार जेल कैंटीन से सामान खरीदने की अनुमति रहती है।
जेल प्रशासन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया जा सकता है। प्रशासन का दावा है कि जेल में सभी कैदियों के साथ नियमों के अनुरूप समान व्यवहार किया जाता है और किसी को भी विशेष दर्जा नहीं दिया गया है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भोपाल जेल में महिला बंदियों के लिए अलग महिला अस्पताल संचालित नहीं है। महिला बैरक में ओपीडी के माध्यम से उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि पुरुष बंदियों के लिए लगभग 100 बिस्तरों वाली डिस्पेंसरी संचालित की जा रही है।
इसके साथ ही जेल प्रशासन ने किसी डिप्टी जेलर तबादला या पद से हटाए जाने संबंधी खबरों को भी अफवाह करार दिया है। प्रशासन का कहना है कि ऐसी सूचनाएं तथ्यात्मक आधार से परे हैं और वास्तविक स्थिति से उनका कोई संबंध नहीं है।















