नई दिल्ली, 09 जून।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज भगवान बिरसा मुंडा को उनके बलिदान दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने 'धरती आबा' के जीवन को साहस, स्वाभिमान और न्याय के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक बताया।
उपराष्ट्रपति ने ऐतिहासिक 'उलगुलान' आंदोलन को याद करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने दमन के खिलाफ प्रतिरोध की भावना को जागृत किया। उन्होंने आदिवासी समुदायों को अपने अधिकारों, पहचान और गरिमा की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने झारखंड के राज्यपाल और फिर उपराष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान बिरसा मुंडा की पावन जन्मस्थली उलिहातू की अपनी यात्राओं को भी साझा किया।
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान और उनके आदर्श आज भी देश को सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित और निर्देशित करते हैं।













