नई दिल्ली, 09 जून।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कारगिल के मीनामार्ग स्थित जोजिला सुरंग परियोजना के मुख्य सुरंग ब्रेकथ्रू का निरीक्षण किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्रालय के अनुसार यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर बालटाल से मीनामार्ग तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी दो-तरफा सुरंग के निर्माण से जुड़ी है। लगभग 6,800 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह संरचना एशिया की सबसे लंबी सुरंग मानी जा रही है, जो 2,900 से 3,310 मीटर की ऊंचाई पर कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों में तैयार की जा रही है।
इस अवसर पर बताया गया कि सुरंग में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन, सीसीटीवी निगरानी और पैदल यात्रियों के लिए क्रॉस पैसेज जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। साथ ही कट-एंड-कवर सेक्शन, पुल, पुलिया, स्नो गैलरी, कैच डैम और हिमस्खलन सुरक्षा ढांचे भी विकसित किए जा रहे हैं।
नितिन गडकरी ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का नया आधार बनेगी। ऑल-वेदर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे देश की अवसंरचना यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
परियोजना पूरी होने पर सोनमर्ग से मीनामार्ग तक का सफर दो घंटे से घटकर लगभग 30 मिनट रह जाएगा। इससे समय और ईंधन की बचत के साथ दुर्घटनाओं और हिमस्खलन के खतरे में कमी आएगी तथा पर्यटन, व्यापार और सेना की आवाजाही भी अधिक सुरक्षित और तेज होगी।















