कांकेर, 09 जून।
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र स्थित ग्राम ईरागांव में धर्मांतरण की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीणों ने सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को गांव में एक सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से ईसाई धर्म प्रचारकों, पादरियों और पास्टरों के गांव में प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध की घोषणा की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कड़ा फैसला ग्रामसभा में हुई विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। हाल ही में एक महिला की मृत्यु के उपरांत शव दफनाने को लेकर उपजे विवाद ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था। इसके बाद से ही गांव के लोग अपनी परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।
गांव वालों का आरोप है कि धर्म परिवर्तन करने के बाद कुछ लोग स्थानीय पूजा-पद्धति, देवी-देवताओं और सामाजिक संस्कारों से विमुख हो रहे हैं, जिससे गांव में आए दिन विवाद की स्थितियां बन रही हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामसभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया।
इस मौके पर ग्राम पटेल प्रयाग सिंह कोरेटी, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र टेकाम सहित गांव के अन्य प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बोर्ड लगाने के साथ ही गांव में धर्मांतरण के उद्देश्य से आने वाले बाहरी तत्वों पर रोक सुनिश्चित कर दी गई है।














