कोलकाता, 09 जून।
आसनसोल के पूर्व सांसद और मौजूदा विधायक बाबुल सुप्रियो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदेश की राजनीति में आए उतार-चढ़ाव पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में राज्य के राजनीतिक माहौल की मौजूदा स्थितियों और दलों के बदलते स्वरूप पर गहरी टिप्पणी की है।
सुप्रियो ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के उस दावे को केंद्र में रखा जिसमें उन्होंने भाजपा के 'तृणमूलीकरण' को रोकने की बात कही थी। इस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यह तर्क रखा कि कहीं बंगाल की वर्तमान राजनीति 'तृणमूल के भाजपाकरण' की ओर तो नहीं बढ़ रही है।

अपने पोस्ट में उन्होंने नेताओं के दल-बदल पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नेताओं का एक दल से दूसरे दल में आने-जाने का सिलसिला इस कदर बढ़ गया है कि आम जनता के लिए यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि कौन किस खेमे का है। उन्होंने नेताओं का नाम लेकर राजनीतिक समीकरणों पर अपना मत रखा।
भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर आरोपों को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख अपनाया है। बाबुल ने स्पष्ट किया कि किसी पर भी लगे आरोपों के लिए कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, केवल पार्टी बदल लेने मात्र से कोई व्यक्ति बेदाग नहीं हो सकता। उन्होंने सभी दलों के लिए समान मापदंडों की वकालत की।
अंत में उन्होंने राज्य की राजनीति को 'बीजे-मूल' नाम देते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो जो लोग लंबे समय से किसी तीसरे विकल्प की तलाश में थे, उनकी यह मंशा अब पूरी हो रही है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।













