कोलकाता, 09 जून।
राज्य में अब मानसून के आगमन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि स्थितियां ऐसी ही अनुकूल बनी रहीं, तो अगले 48 से 72 घंटों के भीतर पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएं दस्तक दे सकती हैं। पिछले कुछ दिनों से हो रही वर्षा और आंधी ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी हद तक राहत पहुंचाई है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद उमस और गर्मी में और अधिक कमी आने की प्रबल संभावना है।
विभाग के अनुसार, चार जून को केरल में मानसून की शुरुआत हो चुकी है। अब तक यह हवाएं महाराष्ट्र के सोलापुर, कर्नाटक के कलबुर्गी और चेन्नई तक अपना प्रभाव फैला चुकी हैं। आने वाले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी के विभिन्न क्षेत्रों में इसके विस्तार के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके साथ ही ओडिशा, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी जल्द ही मानसून की बारिश का सिलसिला शुरू होगा।
अभी यह तय नहीं है कि प्रदेश में सबसे पहले मानसून किन जिलों में प्रवेश करेगा, लेकिन आमतौर पर उत्तर बंगाल ही इसकी पहली कड़ी बनता है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में पिछले काफी समय से बारिश और आंधी का क्रम जारी है। आने वाले बुधवार और गुरुवार को कोलकाता में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है, जिसमें हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं।
मंगलवार को बर्धमान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व मेदिनीपुर में मध्यम स्तर की बारिश के साथ तेज हवाओं के झोंके चलने की चेतावनी है। रविवार तक दक्षिण बंगाल के अधिकांश जिलों में यह अस्थिर मौसम बने रहने की आशंका है।
वहीं, उत्तर बंगाल के लिए पूरे सप्ताह जोरदार वर्षा का पूर्वानुमान है। मंगलवार को जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भी तेज बारिश का अलर्ट है। उत्तरी जिलों में पूरे सप्ताह इसी तरह का बारिश का दौर रहने वाला है।













