रतलाम, 09 जून।
मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने रतलाम प्रवास के दौरान अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर मानव अधिकार संरक्षण और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया। सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना चाहिए।
बैठक में पेयजल व्यवस्था, मानव अधिकारों से संबंधित प्रकरणों और अन्य जनहित के मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से जिले में पेयजल आपूर्ति की स्थिति तथा दूषित जल से जुड़ी शिकायतों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की नियमित जांच की जा रही है। जांच में जो हैंडपंप या जलस्रोत पेयजल के लिए उपयुक्त नहीं पाए जाते, उन्हें रेड मार्किंग कर चिन्हित किया जाता है और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।
आयोग अध्यक्ष ने लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा केवल आयोग का दायित्व नहीं है, बल्कि शासन, प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी है। नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकार उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राजस्व प्रकरण, पेयजल संबंधी शिकायतों और पुलिस मामलों से जुड़े लंबित प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई कर आयोग को जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान आयोग अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन जनकल्याण कार्यों और मानव अधिकारों के संरक्षण से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगा। समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।















