नई दिल्ली, 09 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 19 जून के बीच फ्रांस और स्लोवाकिया की महत्वपूर्ण यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ कई वैश्विक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 13 और 14 जून को फ्रांस के नीस शहर में रहेंगे। यहां उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता भारत-फ्रांस संबंधों की समीक्षा करेंगे और नवाचार तथा प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन भी करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री अपने समकक्ष रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। वार्ता में व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल, रेलवे विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में नई वैश्विक साझेदारियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सतत आर्थिक विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
प्रधानमंत्री सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इसके बाद 18 जून को वह पेरिस में विभिन्न बैठकों में हिस्सा लेने के साथ यूरोप के प्रमुख प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन विवाटेक शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। उनके भारतीय समुदाय को संबोधित करने की संभावना भी जताई गई है।
विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और जी7 देशों के साथ भारत के संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी। साथ ही वैश्विक दक्षिण की प्रमुख आवाज के रूप में भारत की भूमिका और नवाचार, डिजिटल परिवर्तन तथा उद्यमिता के क्षेत्र में उसकी बढ़ती वैश्विक उपस्थिति को भी रेखांकित करेगी।















