नारायणपुर, 09 जून।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में अब बारिश के मौसम में भी जिंदगी नहीं थमेगी। आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी के जांबाज जवानों ने दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच रिकॉर्ड समय में सात मजबूत लकड़ी के पुल (लॉग ब्रिज) का निर्माण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है।
अक्सर मानसून आते ही यहां के नदी-नाले उफान पर आ जाते थे, जिससे ग्रामीणों का संपर्क दुनिया से महीनों तक कट जाता था। न तो गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल ले जाया जा सकता था और न ही बच्चों की पढ़ाई हो पाती थी। कोडेनार, अडिंगपार और मड़ोड़ा के निवासियों ने जब आईटीबीपी से अपनी यह पीड़ा साझा की, तो जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
आईटीबीपी के संजय कुमार के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर बल ने बिना वक्त गंवाए पुल निर्माण का बीड़ा उठाया। अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जिला प्रशासन और नारायणपुर पुलिस के साथ मिलकर जवानों ने इस नामुमकिन से दिखने वाले कार्य को हकीकत में बदल दिया है।
इन सात पुलों के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम हो गया है। अब बारिश के दौरान ग्रामीणों को घरों में कैद नहीं रहना पड़ेगा। जवानों की इस मानवीय पहल ने अबूझमाड़ के लोगों के जीवन में खुशहाली की एक नई सुबह की शुरुआत कर दी है।














