तबादले के आदेश आते ही जहां अधिकांश अधिकारी नई जगह रवाना हो गए, वहीं एक साहब अचानक अस्वस्थ हो गए। जो कल तक पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त थे, वे अब कुछ दिनों की मोहलत मांग रहे हैं।
गलियारों की मानें तो बीमारी कम और वर्षों की जमावट समेटने की चिंता ज्यादा है। साहब चाहते हैं कि थोड़ा वक्त मिल जाए, ताकि हिसाब-किताब बराबर कर आराम से विदा ली जाए। लेकिन फिलहाल ऊपर से मिले सख्त निर्देश उनकी इस इच्छा पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं।














