भोपाल, 9 जून।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच तीसरी सीट पर कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। भाजपा की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने यह फैसला लिया, जिसके बाद चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है और भाजपा के तीनों प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना मजबूत हो गई है।
दरअसल, भाजपा ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान यह आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना के हैदराबाद की अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। इस पर पर्यवेक्षक की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर शाम तक जवाब मांगा गया था। सुनवाई के दौरान विधानसभा परिसर में दिनभर राजनीतिक माहौल गर्म रहा और दोनों दलों के वरिष्ठ नेता रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के बाहर मौजूद रहे।
जांच प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखी बहस के साथ नोकझोंक भी देखने को मिली। नारेबाजी और हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया ने रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में प्रवेश का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा बलों और विधानसभा कर्मियों ने रोक दिया।
भाजपा पक्ष का कहना है कि हैदराबाद की मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत में पूर्व कॉरपोरेटर ए. श्रीलता की याचिका लंबित है, जिसमें आरोप है कि राजनीतिक सर्वेक्षण कार्य से जुड़े मामले में धमकी और छेड़छाड़ जैसी शिकायतें सामने आई हैं। वहीं विपक्ष ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि केवल नोटिस मिलने को आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। इस बीच कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने की तैयारी में थी, लेकिन नामांकन निरस्त होने की सूचना के बाद उड़ान बीच में ही रोकनी पड़ी।















