एक दौर था जब इस विभाग का प्रमुख बनना सत्ता के सबसे प्रभावशाली अधिकारियों की पहचान माना जाता था। इस कुर्सी को पाने के लिए लोग पूरी ताकत झोंक देते थे।लेकिन अब हालात कुछ ऐसे हैं कि इस पद पर बैठने वाला अधिकारी जल्द से जल्द यहां से निकलने का रास्ता खोजने लगता है।
पिछले एक वर्ष में तीन वरिष्ठ अधिकारी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर आ चुके हैं, लेकिन कोई भी यहां लंबे समय तक टिक नहीं पाया।मंत्रालय के गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि आखिर इस कुर्सी में ऐसा कौन-सा “कांटा” है, जो बैठते ही चुभने लगता है।














