सीवान, 09 जून।
जिले में हुए बहुचर्चित सीएसपी लूटकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें एक सीएसपी संचालक की संलिप्तता भी सामने आई है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लकड़ीनवीगंज और बसंतपुर थाना क्षेत्रों में हुई दो अलग-अलग सीएसपी लूटकांड की घटनाओं की जांच के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ, जिसमें एक सीएसपी संचालक भी लाइनर के रूप में काम कर रहा था। इन दोनों घटनाओं में 17 अप्रैल 2026 को लकड़ीनवीगंज में स्टेट बैंक के सीएसपी संचालक से लूट हुई थी तथा 1 जून 2026 को बसंतपुर में इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराजगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।
गुप्त सूचना के आधार पर 9 जून को मदारपुर गांव में वाहन जांच के दौरान एक आरोपी को दबोचा गया, जिसके पास से देसी पिस्टल, कारतूस, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन सहित लूट का मोबाइल बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ दोनों घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दूसरे आरोपी की भी गिरफ्तारी की गई।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार दूसरा आरोपी स्वयं एक सीएसपी संचालक है, जो ग्राहकों की गतिविधियों और नकदी की जानकारी अपराधियों को देकर लाइनर की भूमिका निभाता था और बदले में लूटी गई रकम का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त करता था। सीसीटीवी फुटेज में वह दोनों घटनाओं के दौरान बैंक परिसर में संदिग्ध रूप से मौजूद भी पाया गया है।
इससे पहले इस गिरोह के तीन अन्य अपराधी सारण जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है और पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।















