टायर, 09 जून।
इजराइल ने मंगलवार को दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर टायर पर भीषण हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई। यह कार्रवाई उस समय हुई जब पूरे शहर के लिए पहली बार निकासी आदेश जारी किया गया था।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह हमला शहर के पूर्वी हिस्से में किया गया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई और कई लोग मलबे में फंसे रह गए। राहत और बचाव दल लगातार मलबे में जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं।
हमले के बाद सामने आए दृश्य में सड़क पर बिखरा मलबा और धुएं से भरे इलाके में क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दीं, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इजराइली सेना ने इससे पहले सुबह पूरे शहर के लिए ऑनलाइन निकासी चेतावनी जारी की थी, जिसमें उत्तर-पश्चिमी ईसाई बहुल क्षेत्र भी शामिल था, जहां पहले से विस्थापित लोग शरण लिए हुए थे। सेना ने आरोप लगाया कि हिजबुल्लाह के लड़ाके क्षेत्र में छिपे हैं, हालांकि इसका कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया।
मानवीय संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे “जबरन विस्थापन की प्रक्रिया” बताया और कहा कि इससे लोग असुरक्षित परिस्थितियों में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे उनका जीवन और अधिक खतरे में पड़ रहा है। संगठन ने आसपास के कई अस्पतालों और मोबाइल क्लिनिक सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने की भी घोषणा की।
यह संघर्ष उस समय तेज हुआ जब हिजबुल्लाह ने इजराइल के समर्थन में रॉकेट दागे थे, जिसके जवाब में इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में भारी हमले और जमीनी कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि 16 अप्रैल को अमेरिका द्वारा संघर्षविराम की घोषणा की गई थी, लेकिन दक्षिणी लेबनान में लड़ाई अभी भी जारी है। इजराइल द्वारा लगातार निकासी आदेशों के कारण देश के बड़े हिस्से में आबादी का विस्थापन देखा जा रहा है।















