नई दिल्ली, 20 मई । उच्चतम न्यायालय ने टेट्रा पैक में शराब की बिक्री के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया।
यह याचिका ‘कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकेन ड्राइविंग’ नामक संगठन द्वारा दायर की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपिन नायर ने दलील दी कि टेट्रा पैक में उत्पाद को लेकर उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि यह जूस है या शराब। उन्होंने कहा कि कई पैक पर सेब जैसी तस्वीरें होती हैं, जबकि भीतर शराब भरी होती है, जैसे वोडका।
याचिका में कहा गया है कि वर्तमान आबकारी नीति में ‘बोतल’ की परिभाषा अस्पष्ट है, इसलिए इसे स्पष्ट किया जाना आवश्यक है। साथ ही केंद्र सरकार से पूरे देश के लिए एक समान नीति बनाने की मांग की गई है, ताकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टेट्रा पैक में शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके और राज्य सरकारें अपनी आबकारी नीतियों में आवश्यक संशोधन करें।
इससे पहले 16 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश में टेट्रा पैक में शराब बिक्री से जुड़ी एक अन्य याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। उस समय पीठ ने याचिकाकर्ता को संबंधित अधिकारियों को आवेदन के रूप में याचिका सौंपने की सलाह दी थी।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि टेट्रा पैक में शराब उपलब्ध होने से बच्चों और छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि ऐसे छोटे पैक आसानी से स्कूलों और कॉलेज परिसरों तक पहुंच सकते हैं।





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