पिछले दिनों सत्ताधारी दल के एक नेताजी धर्म, यात्रा और पर्यटन को मिलाकर खिचड़ी पकाने में जुटे थे, लेकिन पार्टी मुखिया ने तुरंत करछी छीन ली.....
पिछले दिनों सत्ताधारी दल के एक नेताजी धर्म, यात्रा और पर्यटन को मिलाकर ऐसी खिचड़ी पकाने में जुटे थे, जिसकी खुशबू से ज्यादा धुआँ ऊपर तक पहुँच गया। मामला समझ में आते ही पार्टी के मुखिया ने तुरंत करछी छीन ली और साफ संदेश दे दिया कि धर्म और पर्यटन के नाम पर अलग ही तवे पर रोटियां सेंकने की कोशिश बंद करें। बताया जाता है कि नेताजी की पूरी तैयारी कुछ और ही पकाने की थी, लेकिन ऊपर से इशारा मिल गया कि फिलहाल विकास की थाली में ही परोसना बेहतर रहेगा।