भोपाल , 20 मई ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक वर्ष 2027 में उज्जैन में आयोजित की जाएगी, जिस पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने सहमति प्रदान कर दी है।
उन्होंने बताया कि परिषद की 26वीं बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का भी निरीक्षण करेंगे और वहां की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और यह राज्य की बड़ी उपलब्धि है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है।
उन्होंने नक्सल उन्मूलन अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के हालिया निर्णय का स्वागत किया जाना चाहिए और राज्य सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उसका पालन सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मां वाग्देवी की प्राचीन प्रतिमा को विदेश से वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रयास करेगी।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को लाभ मिला है और यह निर्णय किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने हाल ही में आयोजित भारत-फ्रांस निवेश सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी ने मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीतियों पर वैश्विक विश्वास को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में विभिन्न निगमों और प्राधिकरणों में नवनियुक्त पदाधिकारियों के लिए पहली बार विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिससे उन्हें अपने दायित्वों के निर्वहन में सहायता मिलेगी।
उन्होंने सभी नवनियुक्त अधिकारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की।




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