मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत अब तक 1.77 लाख से अधिक जल संरक्षण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसी अभियान के अंतर्गत उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा और भोपाल में सदानीरा समागम जैसे बड़े सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की तैयारी की गई है, जिनमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, कलाकार और प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया गया कि अभियान का उद्देश्य नदियों, तालाबों और जल संरचनाओं के संरक्षण के साथ जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 77 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं, जिससे यह अभियान व्यापक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
उज्जैन में 25 से 26 मई तक शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा, जिसकी शुरुआत रामघाट से होगी और यह विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से होते हुए पुनः रामघाट पर समाप्त होगी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न लोक कलाकार और भजन मंडलियां प्रस्तुति देंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा माँ शिप्रा को 300 फीट लंबी चुनरी अर्पित किए जाने की भी योजना है, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगा। वहीं भारतीय नौसेना बैंड सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन को विशेष बनाएंगी।
भोपाल में 27 मई से 2 जून तक सदानीरा समागम का आयोजन किया जाएगा, जो भारत भवन में होगा। इस सात दिवसीय आयोजन में जल संरक्षण, संस्कृति और पंचमहाभूतों पर केंद्रित राष्ट्रीय विमर्श प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, पर्यावरणविद, कलाकार और नीति निर्माता भाग लेंगे।
इस कार्यक्रम में कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों की सहभागिता भी होगी, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्राप्त होगा। साथ ही इसरो सहित विभिन्न प्रमुख संस्थानों और कॉरपोरेट संगठनों के प्रतिनिधि भी जल संरक्षण विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन, रंगमंचीय प्रस्तुतियां, फिल्म प्रदर्शनियां और चित्रांकन कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य जल संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना है।












