सूरत, 19 मई ।
सूरत क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर आनंद सिंह उर्फ ‘शोले सिंह’ को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। बताया गया है कि आरोपित लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष कार्य बल से बचते हुए सूरत में छिपकर रह रहा था।
पुलिस ने उसे पलसाणा क्षेत्र से दो देशी पिस्टल और छह जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। उस पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से एक लाख पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
जांच में सामने आया है कि आनंद सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के लखौंवा गांव का निवासी है। उसका पूरा नाम आनंद सिंह उर्फ सचिन सिंह अशोक सिंह ठाकुर बताया गया है। वह जौनपुर और प्रतापगढ़ क्षेत्र में अपना दबदबा कायम कर बाहुबली बनने की कोशिश में था और इसी मकसद से उसने एक गैंग तैयार किया, जिसका नाम उसने ‘शोले सिंह जौनपुर वाला गैंग’ रखा।
बताया जाता है कि वह बॉलीवुड फिल्म ‘शोले’ से प्रभावित था और उसी प्रेरणा में उसने अपना नाम भी बदलकर ‘शोले सिंह’ रख लिया था। यहां तक कि उसके परिवार में भी फिल्मी नामों से जुड़ाव की बात सामने आई है। उसके गिरोह द्वारा व्यापारियों, बिल्डरों और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाया जाता था तथा फोन पर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी जाती थी।
सूरत के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार आरोपी उत्तर प्रदेश के पांच गंभीर मामलों में वांछित था, जिनमें चार हत्या के प्रयास और एक धमकी का मामला शामिल है। वर्ष 2025 में उसने एक पुराने विवाद का बदला लेने के लिए एक व्यक्ति के घर जाकर तीन राउंड फायरिंग की थी। इसके अलावा एक डॉक्टर से पचास लाख रुपये की रंगदारी मांगने और पैसे न देने पर फायरिंग कर उसे गंभीर रूप से घायल करने का भी आरोप है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने एक बैंक प्रबंधक को धमकी दी थी, क्योंकि उसे संदेह था कि उसके परिवार के खाते से पैसे निकाले गए हैं। वर्ष 2018 में जौनपुर में जमीन विवाद के चलते एक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी वह आरोपी रहा है और चार वर्ष जेल में रह चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से अपराध गतिविधियां शुरू कर दीं।
उसकी कार्यशैली बेहद शातिर बताई गई है। वह मोबाइल बंद रखता था और धमकी देने के लिए नया सिम खरीदकर अलग-अलग स्थानों से कॉल करता था, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। बाद में सिम कार्ड फेंक देता था।
इसके साथ ही वह सोशल मीडिया के माध्यम से भी दहशत फैलाता था। फायरिंग की घटनाओं के वीडियो बनवाकर उन्हें एडिटिंग और बैकग्राउंड संगीत के साथ वायरल करवाता था, जिससे इलाके में डर का माहौल बनाया जाता था।
उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से उस पर अलग-अलग इनाम घोषित थे और कई महीनों से उसकी तलाश जारी थी। अंततः तकनीकी और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर सूरत में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






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