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20 May, 2026

विकसित भारत 2047 की ओर बड़ा कदम, एएनआरएफ ने चुने 10 उत्कृष्ट अनुसंधान केंद्र

अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने बहुविषयक शोध को बढ़ावा देने के लिए अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र कार्यक्रम के तहत 10 संस्थानों का चयन करते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

नई दिल्ली, 20 मई ।

अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने जटिल सामाजिक और विकासात्मक चुनौतियों के समाधान हेतु अंतःविषयक शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाते हुए अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र कार्यक्रम के अंतर्गत 10 संस्थानों का चयन किया है। इस पहल का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान, मानविकी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एकीकृत कर ऐसे अनुसंधान केंद्र विकसित करना है जो सतत विकास और सामाजिक नवाचार को गति प्रदान कर सकें।

इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप बताया गया है, जिसमें बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसका लक्ष्य जटिल समस्याओं के समाधान हेतु वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोणों के समन्वित उपयोग को सुनिश्चित करना है।

इस योजना के अंतर्गत चयनित 10 अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्रों में विभिन्न विषयों से जुड़े संस्थान शामिल हैं। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर में मानव-जलवायु अंतःक्रिया एवं पर्यावरण इतिहास केंद्र, राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान में पुरातत्व एवं संरक्षण अनुसंधान केंद्र तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में संस्कृत आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संगीत एवं योग केंद्र प्रमुख हैं।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अगरतला में पूर्वोत्तर लोककथाओं के डिजिटलीकरण केंद्र, मानव विकास संस्थान दिल्ली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और श्रम बाजार अध्ययन केंद्र तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान धारवाड़ में ग्रामीण विकास एवं स्थिरता केंद्र को भी चयनित किया गया है। ये सभी केंद्र ग्रामीण विकास, आजीविका और सामाजिक समावेशन जैसे विषयों पर कार्य करेंगे।

चयन सूची में भारतीय प्रबंधन संस्थान जम्मू का कारीगरों के डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्र तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर का भाषा प्रदर्शन एवं हस्तक्षेप अनुसंधान केंद्र भी शामिल हैं। इन संस्थानों का उद्देश्य ग्रामीण और सामाजिक नवाचार को बढ़ावा देना बताया गया है।

कार्यक्रम के अंतर्गत चाणक्य विश्वविद्यालय और पीएसजीआर कृष्णम्मल महिला महाविद्यालय जैसे संस्थानों को भी शामिल किया गया है, जो उभरती तकनीकों और कम्प्यूटेशनल अर्थशास्त्र जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान करेंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच समन्वय स्थापित करना है।

एएनआरएफ को इस कार्यक्रम के लिए कुल 945 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जो इसकी व्यापक राष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाते हैं। चयनित केंद्रों के साथ लगभग 20 सहयोगी संस्थानों का नेटवर्क भी शामिल किया गया है, जिसमें केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ आईआईटी, एनआईटी तथा निजी अनुसंधान संस्थान भी सम्मिलित हैं।

यह पूरी पहल विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य देश को नवाचार आधारित, समावेशी और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा और आधुनिक तकनीकें सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी।

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