ओस्लो, 19 मई ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में कहा कि हाल के व्यापार समझौते भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों में नए स्वर्णिम दौर की शुरुआत का आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति समान सोच भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाती है।
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में द्विपक्षीय व्यापार में चार गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही नॉर्डिक देशों से भारत में निवेश करीब 200 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नॉर्डिक निवेश फंड भारत की तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2025 से नॉर्वे, आइसलैंड और अन्य ईएफटीए देशों के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी लागू की गई है। इसके अतिरिक्त भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल में मुक्त व्यापार समझौता भी हुआ है, जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से दोनों पक्षों के संबंधों को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे ने अपने संबंधों को ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित रणनीतिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत आइसलैंड की जियोथर्मल विशेषज्ञता, नॉर्वे की ब्लू इकोनॉमी और आर्कटिक अनुभव तथा नॉर्डिक देशों की समुद्री स्थिरता विशेषज्ञता को भारत की क्षमताओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वीडन की एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा तकनीक, फिनलैंड की दूरसंचार व डिजिटल तकनीक और डेनमार्क की साइबर सुरक्षा विशेषज्ञता को भारत की प्रतिभा के साथ मिलाकर भरोसेमंद वैश्विक समाधान विकसित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रिसर्च और नवाचार सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप्स और रिसर्च लैब्स के बीच साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही आर्कटिक और पोलर रिसर्च में सहयोग बढ़ाने के प्रयास होंगे। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और पेशेवरों की आवाजाही के नए अवसर भी तैयार किए जाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक तनाव और संघर्ष के मौजूदा दौर में भारत और नॉर्डिक देश नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया जैसे मुद्दों पर सभी पक्ष शांति प्रयासों और संघर्ष समाप्ति के पक्षधर हैं। साथ ही बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार को समय की आवश्यकता बताते हुए वैश्विक सहयोग पर जोर दिया।






.jpg)






