लखनऊ, 18 मई।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पिछले नौ वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई का दावा किया गया है। इस अवधि में पुलिस मुठभेड़ों के दौरान कुल 289 दुर्दांत अपराधियों को ढेर किया गया, जबकि बड़ी संख्या में अपराधियों को गिरफ्तार और घायल किया गया।
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस अवधि में कुल 17 हजार से अधिक मुठभेड़ कार्रवाइयां की गईं, जिनमें 34 हजार से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी हुई। वहीं मुठभेड़ों के दौरान हजारों अपराधी घायल हुए, जबकि पुलिस बल को भी नुकसान उठाना पड़ा और कई पुलिसकर्मी शहीद एवं घायल हुए।
जोनवार आंकड़ों में मेरठ जोन सबसे आगे रहा, जहां सबसे अधिक मुठभेड़ दर्ज की गईं और 97 कुख्यात अपराधियों को कार्रवाई में ढेर किया गया। इसके अलावा वाराणसी जोन दूसरे स्थान पर और आगरा जोन तीसरे स्थान पर रहा, जहां भी बड़ी संख्या में मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
कमिश्नरेट स्तर पर भी कई शहरों में मुठभेड़ों के दौरान कुख्यात अपराधियों पर कार्रवाई की गई, जिनमें गाजियाबाद और अन्य प्रमुख शहर शामिल रहे। विभिन्न जोनों में पुलिस कार्रवाई के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संगठित अपराध, माफिया गतिविधियों और अवैध वसूली पर लगातार कठोर कार्रवाई की गई है। इसके तहत गैंगस्टर एक्ट, एनएसए और संपत्ति कुर्की जैसी कानूनी व्यवस्थाओं का भी प्रभावी उपयोग किया गया है।
सरकार का दावा है कि इन कार्रवाइयों के चलते प्रदेश में अपराधियों में भय का माहौल बना है और राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश को सुरक्षित और भयमुक्त राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रगति हुई है।




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