नई दिल्ली, 27 मार्च
एशिया कप-विश्व रैंकिंग तीरंदाजी टूर्नामेंट (स्टेज-1) में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को कंपाउंड वर्ग में मिक्स्ड टीम ने स्वर्ण और महिला टीम ने रजत पदक जीतकर भारत ने कुल पदकों की संख्या चार कर दी। अब भारत के खाते में एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक दर्ज हैं। इससे पहले बुधवार को महिला रिकर्व टीम और पुरुष कंपाउंड टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किए थे।
भारतीय दल को दिन में आगे होने वाले मुकाबलों में चार और पदकों की उम्मीद है। इनमें महिला रिकर्व व्यक्तिगत (रिधि फोर), पुरुष रिकर्व टीम और पुरुष कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा शामिल हैं, जिनमें ऑल-इंडिया फाइनल देखने को मिलेगा।
मिक्स्ड टीम ने जीता स्वर्ण
सुबह के सत्र में शीर्ष वरीयता प्राप्त भारतीय कंपाउंड मिक्स्ड टीम की जोड़ी चिकिथा तानिपर्थी और रजत चौहान ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में मलेशिया को 158-156 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबला कड़ा रहा, जिसमें भारत ने 16 तीरों में केवल दो अंक गंवाए, जबकि मलेशिया को चार अंक पीछे रहना पड़ा।
भारतीय जोड़ी ने शुरुआत में लगातार चार बार 10 का स्कोर करते हुए बढ़त बनाई और अंत तक लय बनाए रखी। तीसरे राउंड के बाद भारत 118-117 से आगे था। मलेशियाई टीम ने तीसरे राउंड में 40 का परफेक्ट स्कोर बनाकर वापसी की कोशिश की, लेकिन अंतिम राउंड में चिकिथा और रजत ने दबाव में सभी चार तीर 10 पर लगाए और मैच जीत लिया।
यह जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि पिछले संस्करण में भारत मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीत पाया था।
महिला टीम को मिला रजत पदक
वहीं, भारतीय महिला कंपाउंड टीम को फाइनल में कजाकिस्तान से 227-229 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। टीम में चिकिथा तानिपर्थी, राज कौर और तेजल साल्वे शामिल थीं।
भारतीय टीम ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत करते हुए 12 तीरों के बाद 115-113 की बढ़त बनाई थी। लेकिन तीसरे राउंड में टीम का प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां उन्होंने 54 अंक जुटाए जबकि कजाकिस्तान ने 58 अंक बनाकर बढ़त बना ली। अंतिम राउंड 58-58 से समाप्त हुआ, लेकिन तीसरे राउंड की बढ़त के कारण कजाकिस्तान ने मैच जीत लिया।
हालांकि, यह प्रदर्शन पिछले संस्करण के कांस्य पदक से बेहतर रहा, और इस बार भारतीय टीम ने रजत पदक अपने नाम किया।
भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है और अब सभी की निगाहें आगामी मुकाबलों पर हैं, जहां देश को और पदकों की उम्मीद है।












