जोधपुर, 26 मार्च।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 2, जोधपुर महानगर ने आदेश दिया है कि पार्श्वनाथ सिटी, सांगरिया बाईपास, जोधपुर का सेल्स ऑफिस नीलामी के माध्यम से 30 मार्च तक बिके। यह कदम उस स्थिति में उठाया गया है, जहाँ डिक्रीदार को विला का कब्जा पांच साल होने के बावजूद नहीं मिला और बकाया राशि 43,18,669 रुपये भी अदा नहीं की गई।
विमला बापना ने अधिवक्ता अनिल भंडारी, वासुदेव दाधीच और दिनेश चौधरी के माध्यम से इजराय प्रार्थना पत्र दायर किया था। उन्होंने बताया कि स्थाई लोक अदालत, जोधपुर महानगर ने 6 नवंबर 2020 को पार्श्वनाथ डेवलपर्स को निर्देश दिया था कि प्रार्थी को रॉयल विला संख्या जे 028, पार्श्वनाथ सिटी, सांगरिया बाईपास, जोधपुर का सही-सलामत कब्जा दें। इसके अलावा अप्रैल 2017 से जमा राशि 37,21,725 रुपए पर 9 फीसदी ब्याज और कब्जा मिलने तक प्रतिमाह 12,355 रुपए हर्जाना देने का भी आदेश था।
प्रार्थी के अधिवक्ताओं ने बहस में बताया कि आदेश के अनुसार विपक्षी को दो माह में पालना करनी थी, लेकिन पांच साल से अधिक समय बीतने के बावजूद न तो विला का कब्जा दिया गया और न ही 43,18,669 रुपये का भुगतान हुआ।
इस पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या 2 ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि पार्श्वनाथ सिटी, सांगरिया बाईपास, जोधपुर स्थित सेल्स ऑफिस को नीलामी के जरिए 30 मार्च तक बेच कर आदेश की पूरी पालना सुनिश्चित की जाए।












