भोपाल, 06 अप्रैल 2026।
राजधानी भोपाल के शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती हिंसक घटनाओं, अवैध हथियारों की उपलब्धता और नशे के फैलते नेटवर्क को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पुलिस कमिश्नर से मिला। प्रतिनिधियों ने छात्र सुरक्षा को गंभीर विषय बताते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और सख्त कदम उठाने की मांग की।
एनएसयूआई पदाधिकारियों ने हाल ही में सेज यूनिवर्सिटी और एलएनसीटी कॉलेज के छात्रों के बीच हुई फायरिंग की घटना का जिक्र करते हुए चिंता जताई, जिसमें दो छात्र घायल हुए थे। संगठन का आरोप है कि शहर में कई ऐसे स्थान सक्रिय हैं, जहां से छात्रों को आसानी से अवैध हथियार उपलब्ध हो रहे हैं और शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद छात्रों के पास हथियार पहुंचना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि अवैध हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा कर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून सहित कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान शिक्षा के केंद्र हैं, उन्हें अपराध का अड्डा बनने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने संवेदनशील परिसरों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और अस्थायी चौकियों की स्थापना की आवश्यकता बताई।
प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस ने युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक कॉलेज में छात्र सुरक्षा समिति बनाई जाए, जिसमें छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
संगठन ने अपने ज्ञापन में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, हेल्पलाइन और क्यूआर कोड की व्यवस्था, छात्रावासों का सत्यापन तथा जागरूकता अभियान चलाने जैसी प्रमुख मांगें रखीं। पुलिस कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।





.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)



