जोधपुर, 26 मार्च।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में सहायक प्रोफ़ेसर, पीडियाट्रिक गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी पद पर याचिकाकर्ता को अविलम्ब ड्यूटी ज्वॉइन करवाने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के अहम आदेश जारी किए हैं।
राजधानी जयपुर में पिछले 15 वर्षों से बच्चों के सबसे बड़े सरकारी जेके लोन अस्पताल में पीडियाट्रिक गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट नियुक्त नहीं थे। बच्चों की आंतों की बीमारी का इलाज़ लिवर के डॉक्टर-पीडियाट्रिक हेपेटॉलजिस्ट के भरोसे चल रहा था। हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने रिट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए नियुक्ति आदेश निरस्त करने पर रोक लगाते हुए यह महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश दिया।
याचिकाकर्ता डॉ. लक्ष्मण सिंह चारण की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने बताया कि राजस्थान सरकार ने वर्ष 2010 में सहायक प्रोफ़ेसर, पीडियाट्रिक गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी का एक पद सृजित किया था, जो एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अधीन था, और आज तक रिक्त पड़ा हुआ था। 27 अप्रैल 2025 को राज्य सरकार ने रिक्त सहायक प्रोफ़ेसर पदों को भरने के लिए दिशा निर्देश जारी किए और 13 नवंबर 2025 को विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफ़ेसर (सुपर स्पेशियलिटी) के 27 रिक्त पदों को भरने हेतु विज्ञप्ति जारी की।
याचिकाकर्ता ने सहायक प्रोफ़ेसर, पीडियाट्रिक गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी के एकल पद के लिए आवेदन किया। साक्षात्कार के बाद प्रधानाचार्य ने केवल सात अभ्यर्थियों को योग्य पाया और राज्य सरकार को नियुक्ति हेतु अनुशंसा भेजी। 2 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति आदेश जारी किया गया।
हालांकि, अन्य छह अभ्यर्थियों को ड्यूटी ज्वॉइन करवा दिया गया, लेकिन याचिकाकर्ता का आदेश अचानक निरस्त कर दिया गया। अधिवक्ता खिलेरी ने बताया कि राज्य में केवल चार पीडियाट्रिक गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट हैं और याचिकाकर्ता ही एकमात्र सेवारत योग्य डॉक्टर हैं। उन्होंने न्यायालय का ध्यान इस ओर भी आकर्षित कराया कि जेके लोन अस्पताल में आंतों की बीमारियों का इलाज़ केवल लिवर डॉक्टर पर निर्भर है और 15 साल से यह पद खाली पड़ा था।
प्रारंभिक सुनवाई और रिकॉर्ड अनुशीलन के बाद जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने नियुक्ति आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को तुरंत ड्यूटी ज्वॉइन करने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग सचिव सहित अन्य से जवाब तलब किया गया। अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।












