जयपुर, 14 सितंबर।
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के अंतिम चरण के नतीजे सोमवार को घोषित हुए। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी जयपुर, उदयपुर और अजमेर के प्रमुख शहरी निकायों में आगे रही, वहीं जोधपुर नगर निगम में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए थी।
राज्य के 309 शहरी निकायों में 10,245 पार्षद पदों के लिए सोमवार सुबह मतगणना शुरू हुई। इन चुनावों का दूसरा और अंतिम चरण 9 और 11 सितंबर को कराया गया था। पहले चरण में 76.42 प्रतिशत और दूसरे चरण में 70.68 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था।
इन चुनावों में 4,852 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवार मैदान में थे। प्रदेश के 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाओं के चुनाव में एक करोड़ 44 लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र थे।
राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला रहा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार में जोर लगाया था। ऐसे में नगर निकाय चुनाव के परिणामों को वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक स्थिति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्षद पदों के परिणाम आने के बाद 21 सितंबर को महापौर और सभापति चुने जाएंगे। इसके अगले दिन 22 सितंबर को उपमहापौर, उपसभापति और नगरपालिकाओं के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा।
जयपुर में वर्ष 2020 के चुनाव में दो नगर निगम बनाए गए थे। इनमें कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने एक-एक निगम पर जीत हासिल की थी। उस समय हेरिटेज और ग्रेटर निगमों के 250 वार्डों में चुनाव हुआ था और औसत मतदान 57.5 प्रतिशत रहा था। इस बार जयपुर में 150 वार्डों के लिए मतदान हुआ है।














