कहावत तो बहुत सुनी है कि बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया। यही स्थिति भोपाल तालाब के कैचमेंट एरिया में एनजीटी की गाइडलाइंस के हिसाब से हुई जांच में सामने आई। बहुत से सफेदपोशों के बंगले, फार्महाउस, शादी हॉल, रिसोर्ट एवं अन्य व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स जांच के दायरे में आ गए। माननीयों ने तुरंत पल्ला झाड़ते हुए बयान दिया - हमारा इनसे कोई रिश्ता नहीं है। हालांकि, रहते और व्यवसाय माननीय के दम पर ही होता है।














