अरुशा, 8 अक्टूबर।
तंजानिया के अरुशा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ की 153वीं सभा में जलवायु आपदाओं से निपटने के लिए नेपाल का प्रस्ताव आपातकालीन मद के रूप में स्वीकार कर लिया गया। भारत सहित कई देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। प्रस्ताव में हिमालयी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई और तैयारी मजबूत करने की बात कही गई है।
भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्ताव को कार्यसूची में शामिल करने के लिए हुए मतदान में हिस्सा लिया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सभा के तीसरे दिन विभिन्न बैठकों और चर्चाओं में भाग लिया।
हरिवंश ने सुशासन से जुड़ी आम चर्चा में पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही बनाए रखने और जनता का विश्वास मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने समावेशिता, विश्वास और सभी के लिए अवसरों के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाने की बात रखी।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने रूस की संघीय सभा की संघ परिषद के उपसभापति कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। दोनों पक्षों ने आपसी हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। हरिवंश ने आईपीयू की निवर्तमान अध्यक्ष तुलिया एकसन से भी मुलाकात की और संगठन को अधिक समावेशी बनाने के प्रयासों की सराहना की।
लोकसभा सांसद संजय जायसवाल ने मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल अतिभार, आर्थिक दबाव और अनिश्चितता से निपटने पर आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया। अपराजिता सारंगी ने संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति की पैनल चर्चा में भाग लिया।
बिजुली कलिता मेधी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सतत विकास से संबंधित चर्चाओं में हिस्सा लिया। कमलजीत सहरावत ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकार कानून के पालन में संसदों की भूमिका पर चर्चा की।
उन्होंने बाल अधिकारों के लिए नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने वाली कार्यशाला और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से संबंधित समिति की बैठक में भी भाग लिया। लता वानखेड़े ने बदलते जलवायु में स्वस्थ भोजन की उपलब्धता से जुड़े विषय पर चर्चा में हिस्सा लिया।
राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्रा ने शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थायी समिति की विशेषज्ञ सुनवाई में भाग लिया। इसमें संघर्ष के दौरान समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा, अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक आर्थिक स्थिरता में संसदों की भूमिका पर चर्चा हुई।
राज्यसभा के महासचिव ने आईपीयू की नवनिर्वाचित महासचिव आंदा फिलिप से मुलाकात की। राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, आईपीयू के 137 साल के इतिहास में आंदा फिलिप इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। उन्होंने लोकतंत्र और शांति को बढ़ावा देने के लिए आईपीयू के प्रयासों में भारत की संसद के समर्थन की बात कही।














