गोलाघाट, 08 अक्टूबर।
एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बरगोहाईं गुरुवार को अपनी जन्मभूमि असम के बोकाखात पहुंचीं। अपने संघर्ष और खेल जीवन को याद करते हुए वह भावुक हो गईं। लवलीना ने कहा कि दूसरों को खुश रखने की कोशिश में कई बार वह अपने माता-पिता को खुश करना ही भूल जाती थीं।
लवलीना ने वर्ष 2024 में मिली हार के बाद के मुश्किल दौर को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें ऐसा लगने लगा था कि वह यह तक भूल गई हैं कि जिंदगी को दोबारा कैसे शुरू किया जाए। हार के बाद खुद को संभालना और फिर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना उनके लिए आसान नहीं रहा।
‘गोल्डन गर्ल’ ने बोकाखात से नई पीढ़ी के युवाओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने और लगातार मेहनत करने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से खेल के क्षेत्र में आगे आने और अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया।
लवलीना ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में खेल क्षेत्र की स्थिति कैसी थी और अब इसमें कितना बदलाव आया है, यह स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने खेल प्रतिभाओं को मिल रहे प्रोत्साहन और सुविधाओं के लिए राज्य सरकार की सराहना की।














