वॉशिंगटन, 09 अक्टूबर।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने आठ बड़ी टेक्नोलॉजी और आईटी कंपनियों को रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण से निलंबित करने की घोषणा की है। 8 अक्टूबर को वॉशिंगटन में आयोजित सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और श्रम विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस कार्रवाई में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी और कैपजेमिनी शामिल हैं।
अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियों को लेकर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेडी वेंस ने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियां एच-1बी वीजा कार्यक्रम का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों के स्थान पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा विशेष कौशल वाले विदेशी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से नौकरी देने के लिए है, लेकिन कुछ कंपनियां इसका इस्तेमाल स्थायी रोजगार और ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया तक पहुंचने के लिए कर रही हैं।
वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कंपनी ने पिछले वर्ष लगभग 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि उसे लगभग 6,300 एच-1बी वीजा और करीब 3,000 ग्रीन कार्ड मिले। हालांकि, इन आंकड़ों से यह साबित नहीं होता कि छंटनी किए गए कर्मचारियों की जगह उन्हीं विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था।
PERM आवेदन स्वीकार करने पर रोक
अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सॉन्डरलिंग ने बताया कि आठों कंपनियों के नए और लंबित PERM आवेदनों पर रोक लगाई जाएगी। PERM रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें नियोक्ता को निर्धारित शर्तों के तहत यह साबित करना होता है कि संबंधित नौकरी के लिए पर्याप्त योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।
सरकार ने कार्रवाई के पीछे विदेशी श्रम कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग और अमेरिकी कर्मचारियों के हितों की रक्षा का तर्क दिया है। न्याय विभाग के अधिकारियों ने भी ऐसे मामलों की जांच की बात कही। हालांकि, सभी कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग आरोपों और जांच के निष्कर्षों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
भारतीय कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले से उन भारतीय पेशेवरों को परेशानी हो सकती है, जिनकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया संबंधित कंपनियों द्वारा दाखिल PERM आवेदनों पर निर्भर है। आवेदन रुकने से स्थायी निवास मिलने में देरी हो सकती है। हालांकि, यह आदेश सभी भारतीय कर्मचारियों के वीजा रद्द करने का नहीं है। मौजूदा एच-1बी वीजा अपने आप रद्द नहीं होंगे और पहले से जारी ग्रीन कार्ड भी स्वतः समाप्त नहीं होंगे।
यह कार्रवाई सभी ग्रीन कार्ड आवेदकों पर लागू प्रतिबंध नहीं है। परिवार आधारित और कुछ अन्य पात्रता श्रेणियों के माध्यम से आवेदन करने वाले लोग अलग प्रक्रियाओं के अंतर्गत आ सकते हैं। निलंबन कितने समय तक लागू रहेगा और कंपनियों के लंबित मामलों का अंतिम परिणाम क्या होगा, इस बारे में घोषणा के समय कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई थी।













