नई दिल्ली, 09 अक्टूबर।
भारत और लाइबेरिया ने हाल ही में खाड़ी क्षेत्र और काला सागर के आसपास वाणिज्यिक जहाजों तथा नाविकों पर लगातार हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताते हुए इनकी कड़ी निंदा की है। ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेरर्स’ (जीओएफ ऑन एस4) के सह-अध्यक्ष के रूप में दोनों देशों ने समुद्री व्यापार को बाधित करने वाली इन हिंसक घटनाओं को तत्काल प्रभाव से रोकने की पुरजोर अपील की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले दिनों काला सागर और आसपास के समुद्री मार्गों में एमवी रायोद मम्मदोव, अल्फावतन, एमबी केबल और लाइबेरिया अफ्रामैक्स रियो सहित चार प्रमुख वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हुए, जिनकी चपेट में आने से कई नाविक घायल हुए हैं।
इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि निर्दोष नाविकों की जान जोखिम में डालने वाले ऐसे हमलों का कोई औचित्य नहीं है। भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अपने दूतावासों के माध्यम से प्रभावित भारतीय नागरिकों और चालक दल के सदस्यों को हरसंभव चिकित्सा सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई है, तथा विभिन्न देशों व बचा-बचाव अभियानों (जैसे बुल्गारियाई नौका द्वारा किए गए बचाव) का आभार व्यक्त किया है। दोनों सह-अध्यक्ष देशों ने यह संकल्प लिया है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, समुद्री सुरक्षा मजबूत करने और नाविकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आपसी सहयोग और कूटनीतिक समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।














