मीरजापुर, 10 अक्टूबर।
पितृपक्ष की अमावस्या के अवसर पर शनिवार को विंध्याचल क्षेत्र के शिवपुर स्थित प्रसिद्ध रामगया घाट पर पितरों के पिंडदान और तर्पण के लिए श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रयागराज-मीरजापुर राजमार्ग से लेकर रामगया घाट तक पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और विभिन्न धार्मिक सामग्रियों के साथ अपने पूर्वजों का विधि-विधान से पिंडदान एवं तर्पण अनुष्ठान संपन्न किया।
धार्मिक मान्यताओं और लोककथाओं के अनुसार विंध्याचल का यह रामगया घाट सीधे तौर पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम से जुड़ा हुआ है। ऐसी प्राचीन मान्यता है कि प्रभु श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ की आत्मा की शांति के लिए इसी स्थान पर पिंडदान किया था। इसी गहरी आध्यात्मिक आस्था के कारण हर साल पितृपक्ष की अमावस्या पर लोग यहां आकर अपने पितरों की मुक्ति और मोक्ष की कामना से विशेष श्राद्ध कर्म करते हैं।
भीड़भाड़ और मेलों जैसे माहौल के बीच एक अन्य मामला भी सामने आया, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे के किनारे मोटरसाइकिल और साइकिल खड़ी कराने के लिए अवैध रूप से वाहन स्टैंड बनाए जाने की चर्चा रही। आरोप है कि यहां वाहन पार्क कराने के नाम पर लोगों से जबरन धन वसूला जा रहा है, जबकि यह स्थान स्थानीय अष्टभुजा पुलिस चौकी से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित है।
हालांकि, इस अवैध वसूली और स्टैंड संचालन की वैधता को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इस पूरे प्रकरण पर स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसके चलते मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।














