लखनऊ, 10 अक्टूबर।
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के 24 जिलों के 26 प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति की आराधना के साथ-साथ महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश पूरे प्रदेश में गूंजेगा। मिशन शक्ति अभियान के तहत आगामी 17, 18 और 19 अक्टूबर को इन चयनित मंदिरों में विशेष तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत पारंपरिक देवी गीतों के गायन और दुर्गा सप्तशती के पाठ के भव्य आयोजन होंगे।
इन विशेष आयोजनों का मुख्य आकर्षण पारंपरिक देवी गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ रहेगा। नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि पर होने वाले इन कार्यक्रमों के माध्यम से सनातन शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ ही नारी सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जाएगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक मंचों के जरिए महिलाओं तथा बालिकाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा के भाव को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके साथ ही इन धार्मिक प्रस्तुतियों के जरिए हमारी प्राचीन परंपराओं को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
इन कार्यक्रमों के लिए मिर्जापुर का मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, भदोही का सीता समाहित स्थल, प्रयागराज का अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर, कौशांबी का कदवासिनी मंदिर, बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर, सीतापुर का नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर शामिल हैं। इसके अलावा मथुरा का कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर का मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ का बेल्हा देवी मंदिर, वाराणसी का विशालाक्षी देवी मंदिर, उन्नाव का चंडिका देवी मंदिर, औरैया का देवकाली मंदिर, गोरखपुर का मां तरकुलहा देवी धाम, मऊ का मां शीतला माता स्थल, चित्रकूट का शिवानी देवी मंदिर, हमीरपुर का गायत्री शक्ति पीठ, जालौन का बैरागढ़ माता मंदिर, कानपुर देहात का कुष्मांडा देवी मंदिर, मैनपुरी का शीतला माता मंदिर, फिरोजाबाद का चामुंडा माता मंदिर, लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिर तथा फर्रुखाबाद का गुरुग्राम देवी मंदिर इन चयनित स्थलों में प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इन भव्य आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कुल 28.08 लाख रुपये के बजट की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत धनराशि में से सबसे बड़ा हिस्सा कलाकारों के मानदेय और यात्रा व्यय के लिए निर्धारित किया गया है, जिसके तहत इस मद में 23.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। तय योजना के मुताबिक 26 विभिन्न धार्मिक स्थलों पर आयोजित होने वाले इन त्रिदिवसीय कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों को नियमानुसार मानदेय और यात्रा भत्ते का भुगतान किया जाएगा।
मंत्री जयवीर सिंह ने अंत में कहा कि शारदीय नवरात्रि हमारी गहरी आस्था, शक्ति और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है। सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनें और हमारी बेटियों को एक सुरक्षित, स्वावलंबी तथा सम्मानित जीवन जीने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करें।














