नई दिल्ली, 10 अक्टूबर।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री तथा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने शनिवार को दिल्ली स्थित एसआर कैपिटल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित भारतीय शिक्षा बोर्ड की द्वितीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2026-27 के पांचवें चरण की राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। दो दिनों तक चलने वाली इस भव्य स्पर्धा में विभिन्न स्कूलों के छात्र अपनी बौद्धिक क्षमता, एकाग्रता और रणनीतिक सूझबूझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन 10 और 11 अक्टूबर को किया जा रहा है।
आयोजन समिति के अनुसार भारतीय शिक्षा बोर्ड की इस द्वितीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश के आठ अलग-अलग राज्यों के 35 विद्यालयों से लगभग एक हजार युवा खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया है। इस व्यापक प्रतियोगिता के विभिन्न चरण हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज, बुलंदशहर, दिल्ली और हापुड़ में सफलता पूर्वक आयोजित किए गए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से उभरते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पटल पर अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन अवसर मिल रहा है।
इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि हर्ष मल्होत्रा ने छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में भारतीय शिक्षा बोर्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने शतरंज जैसे मानसिक खेलों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों को अनुशासन, खेल भावना और सतत अभ्यास के साथ जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
एसआर कैपिटल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य लक्ष्य छाबड़िया ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि शतरंज की जड़ें भारत की प्राचीन चतुरंग कला में समाहित हैं और यह खेल हमारी ज्ञान परंपरा का संवाहक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मूल ध्येय मात्र अच्छे अंक पाना नहीं, अपितु सक्षम, संस्कारवान, आत्मविश्वासी और राष्ट्र-समर्पित नागरिक तैयार करना है, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकें।
उल्लेखनीय है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के अद्भुत समन्वय से विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास के लिए कार्य कर रहा है। बोर्ड का मुख्य ध्येय छात्रों में शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता, तार्किक सोच और नेतृत्व के गुणों का बीजारोपण करना है, जिसमें यह राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता एक मील का पत्थर साबित हो रही है।











