इस दौरान विरासत भ्रमण, शिकारा नौका विहार, पक्षी अवलोकन, योग और हेलीकॉप्टर की सैर जैसी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कुल 149 प्रतिनिधियों ने इनमें भाग लेने के लिए पंजीयन कराया और 338 गतिविधियों का चयन किया। शिकारा नौका विहार को 120, विरासत भ्रमण को 95, पक्षी अवलोकन को 70, योग को 38 और हेलीकॉप्टर की सैर को 15 चयन मिले।
भोपाल के कमला पार्क में विरासत भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने शहर के इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को जाना। एमपीटी बोट क्लब में शिकारा नौका विहार के जरिए जल पर्यटन का अनुभव लिया गया। वन विहार क्षेत्र में पक्षी अवलोकन के दौरान प्राकृतिक वातावरण और जैव विविधता को करीब से देखने का अवसर मिला।
प्रतिनिधियों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति को ध्यान में रखते हुए विभिन्न होटलों में योग सत्र आयोजित किए गए। वहीं, भेल मैदान से हेलीकॉप्टर की सैर ने रोमांच का अनुभव कराया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश में विरासत, प्रकृति, जल, स्वास्थ्य और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया।
क्रिस्टीना ग्रुपे ने विरासत भ्रमण को प्रदेश के इतिहास और जीवंत परंपराओं को समझने का खास अवसर बताया। निशिथ नोटानी ने शिकारा नौका विहार के दौरान प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण की सराहना की। डॉ. बितान कुमार दत्ता ने पक्षी अवलोकन को प्रकृति और जैव विविधता से जुड़ने का अच्छा माध्यम बताया।
बलराज कपूर ने हेलीकॉप्टर की सैर को रोमांचक अनुभव बताया, वहीं आर्थर हेकर ने पर्यटन के साथ योग और मानसिक संतुलन को महत्व देने की पहल की सराहना की। चिरा फेट्रोम ने कहा कि आयोजन में इतिहास, प्रकृति, रोमांच और स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों का समावेश सराहनीय है।
इन गतिविधियों ने यह रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के अवसर ऐतिहासिक स्थलों तक सीमित नहीं हैं। यहां प्रकृति, जल पर्यटन, पक्षी अवलोकन, योग और साहसिक अनुभवों के जरिए भी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।














