निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे चेन्नई मेट्रो में पोरूर बाईपास से पूनामल्ली बाईपास स्टेशन तक यात्रा करेंगे। दोपहर करीब 12:15 बजे वे जलकंडेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास स्थित मस्तिष्क केंद्र का दौरा करेंगे।
दोपहर करीब 1:30 बजे प्रधानमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे।चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण का उद्घाटन
प्रधानमंत्री चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनामल्ली-वडापलानी खंड का उद्घाटन करेंगे। लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से बने इस खंड में 3.7 किलोमीटर लंबा दो-स्तरीय ढांचा और चालक-रहित ट्रेनों के संचालन के लिए उन्नत संकेत प्रणाली है। इससे पश्चिमी उपनगरों और शहर के केंद्र के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
सड़क और रेलवे संपर्क को मिलेगी मजबूती
प्रधानमंत्री लगभग 3,700 करोड़ रुपये की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-744 का 36 किलोमीटर लंबा चार लेन वाला वडुगापट्टी-थेरकुवेंगनल्लूर खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग-744ए का 30 किलोमीटर लंबा मदुरै रिंग रोड खंड शामिल है। इन परियोजनाओं से तीर्थस्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर तिरुवरूर बाईपास की आधारशिला रखी जाएगी। इससे शहर के भीतर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।प्रधानमंत्री 750 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनमें कराइकल-पेरालम रेलवे लाइन और कोयंबटूर क्षेत्र के तीन रेल उपरिगामी पुल शामिल हैं। पलानी, वेल्लोर छावनी, अंबासमुद्रम, परमकुडी और नमक्कल के पांच अमृत स्टेशनों का भी उद्घाटन किया जाएगा।
बंदरगाहों और समुद्री सुविधाओं का विस्तार
चेन्नई बंदरगाह पर चार परियोजनाओं का उद्घाटन होगा। इनमें पक्का भंडारण यार्ड, चार निर्यात-आयात गोदाम, आधुनिक क्रूज टर्मिनल और नाविक क्लब शामिल हैं।वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह पर आठ प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। कामराजार बंदरगाह पर कोयला बर्थ-3 परियोजना का उद्घाटन और कंटेनर टर्मिनल के अगले निर्माण चरण के लिए पूंजीगत ड्रेजिंग कार्यों का शिलान्यास भी प्रस्तावित है।
मनाली रिफाइनरी और मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र को बढ़ावा
प्रधानमंत्री चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मनाली रिफाइनरी में लगभग 1,620 करोड़ रुपये की ग्रुप-II/III ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसकी प्रस्तावित उत्पादन क्षमता 2.70 लाख मीट्रिक टन सालाना है। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले स्नेहक के निर्माण के लिए जरूरी आधार तेल का उत्पादन करना है।
आईआईटी मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन मस्तिष्क केंद्र को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। यहां मानव मस्तिष्क के विकास और संरचना का कोशिकीय स्तर पर त्रि-आयामी मानचित्र तैयार करने के लिए वैज्ञानिक मिशन शुरू होगा। प्रधानमंत्री ‘सी-स्ट्रोक’ नामक मानव इस्केमिक स्ट्रोक एटलस भी जारी करेंगे, जिसमें स्ट्रोक प्रभावित मस्तिष्क के एक हजार से अधिक सूक्ष्मदर्शीय खंडों का विवरण होगा।
दौरे के अंतिम कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। यह संस्थान के शिक्षा क्षेत्र में पांच दशकों के योगदान को समर्पित है।














