रियाद, 12 अक्टूबर।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार, 11 अक्टूबर को एक बार फिर हमला हुआ। इस घटना में पाकिस्तान के एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हुए। हमले से संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है, जिसका आकलन किया जा रहा है। इससे एक दिन पहले शनिवार को हुए हमले में 11 भारतीय नागरिक घायल हुए थे। इनमें से एक भारतीय की उपचार के दौरान मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजने सहित हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी मृतक के परिजनों के प्रति शोक संवेदना जताई। दूतावास के अनुसार, तीन घायल भारतीय गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। दो अन्य अस्पताल के सामान्य वार्ड में उपचार करा रहे हैं, जबकि बाकी घायलों को छुट्टी दे दी गई है। इससे पहले हवाई अड्डे के पास एक क्रूज मिसाइल को वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया था। टर्मिनल-4 पर एक अज्ञात वस्तु गिरने से आग लगने की भी सूचना मिली थी।
इसी बीच, रविवार शाम सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई। वहां नुकसान का आकलन और सुरक्षा जांच की जा रही है। यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब के ठिकानों पर चार मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। समूह के मुताबिक, निशाने पर रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पूर्वी प्रांत में शुगादम गैस सुविधा, तनाजीब तेल रिफाइनरी और दम्माम का किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल थे। हूती समूह ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, विमानन कर्मचारियों और यात्रियों को सऊदी हवाई अड्डों से उड़ान संचालन से बचने की चेतावनी भी दी, हालांकि मक्का और मदीना की सेवा करने वाले हवाई अड्डों तथा हवाई क्षेत्र को इससे अलग रखा। दूसरी ओर, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में लड़ रही सेना ने अपने ‘डॉन ऑफ यमन’ अभियान के तहत 1,732 कार्रवाई करने, 900 से अधिक हूती लड़ाकों को निष्क्रिय करने और 287 से अधिक सैन्य वाहनों व अन्य संसाधनों को नष्ट या निष्क्रिय करने का दावा किया है।













