लंबे समय तक मध्यप्रदेश में निगम-मंडल-आयोग में अध्यक्ष पदों पर पार्टी के पदाधिकारियों को इंतजार करना पड़ा। ढाई साल बाद मौका मिला, तो भी जलवा नहीं दिखाई दे रहा है। ऊपर से मितव्ययिता पर रोक का कड़ा संदेश है। यही कारण है कि बहुत से माननीय पदों पर तो विराजमान हैं, लेकिन जलवा नहीं दिखा पा रहे हैं।














