गंगटोक, 12 अक्टूबर।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोमवार सुबह मंत्रिमंडल की विशेष बैठक आयोजित कर उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर अपनी सार्वजनिक सेवा की यात्रा शुरू की थी। तमांग और मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने राष्ट्र निर्माण, सुशासन, समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनके नेतृत्व की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्रा जनता की आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता और चुनौतियों को विकास के अवसरों में बदलने के संकल्प को दर्शाती है। मंत्रिमंडल ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सिद्धांत तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को राष्ट्रीय एकता, जनभागीदारी और सांस्कृतिक सद्भाव के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में पूर्वोत्तर के विकास के प्रति प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, संपर्क सुविधाओं, निवेश, पर्यटन और क्षेत्रीय सहयोग में बढ़ती संभावनाएं पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की आर्थिक और सांस्कृतिक महत्ता को उजागर करती हैं। उन्होंने इस क्षेत्र को ‘अष्टलक्ष्मी’ के रूप में देखने की अवधारणा को भी सराहा।
मुख्यमंत्री तमांग ने सिक्किम के विकास और जनकल्याण के लिए केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग पर आभार जताया। उन्होंने सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की उपस्थिति को राज्य के लिए विशेष अवसर बताया। तमांग ने कोविड-19 महामारी, तीस्ता नदी में विनाशकारी बाढ़, भूकंप, भूस्खलन और अन्य संकटों के दौरान मिले सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य को चुनौतियों का सामना करने में मदद मिली। उन्होंने संपर्क व्यवस्था, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने में केंद्र के समर्थन को महत्वपूर्ण बताया। मंत्रिमंडल ने हिमालयी राज्य के लिए विकास के साथ पर्यावरणीय स्थिरता, आपदा प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के कल्याण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। बैठक में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने और समृद्ध, प्रगतिशील तथा आत्मनिर्भर सिक्किम के निर्माण का संकल्प दोहराया गया। मंत्रिपरिषद ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूर्वोत्तर भारत के विकास में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि जनसेवा, नेतृत्व और देश के विकास के प्रति समर्पण की प्रेरक यात्रा का प्रतीक हैं।














