मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस योजना के माध्यम से लाभार्थी इलेक्ट्रिक ऑटो के मालिक और चालक बनकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी से होगा आवंटन
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को मंजूरी मिलने के बाद तीन महीने तक खुला रखा जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल पोर्टल बनाया गया है। किसी जिले में निर्धारित संख्या से अधिक पात्र आवेदन आने पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से ऑटो आवंटित किए जाएंगे। चयनित आवेदकों को आशय पत्र जारी किए जाएंगे।
प्रत्येक राजस्व जिले में महिलाओं के लिए अधिकतम 90 और ट्रांसजेंडर्स के लिए अधिकतम 10 ई-ऑटो का कोटा निर्धारित किया गया है।
लाभार्थियों के लिए निर्धारित पात्रता
महिला आवेदकों की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनका दिल्ली का निवासी होना जरूरी है। उनके पास वैध हल्के मोटर वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन का बैज होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। अधिकतम तीन जीवित बच्चों से संबंधित निर्धारित शर्त भी लागू होगी।
ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए भी आयु, दिल्ली में निवास, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन के बैज से संबंधित शर्तें निर्धारित की गई हैं।
मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग और चार्जिंग की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला कॉलेजों के आसपास दुर्गा ई-ऑटो के लिए स्टैंड बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो और एनसीआरटीसी से नमो भारत क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली तथा मेट्रो स्टेशनों पर ई-ऑटो के लिए समर्पित पार्किंग और चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए दिल्ली पुलिस, नगर निगम और संबंधित परिवहन संस्थाओं के बीच समन्वय पर भी जोर दिया गया है।
मरम्मत और चार्जिंग सेवाओं में भी बढ़ेंगे अवसर
सरकार के अनुसार, योजना से केवल ऑटो चलाने तक रोजगार सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय मरम्मत कार्यशालाओं, वाहन सर्विसिंग, चार्जिंग सेवाओं, बैटरी पुनर्चक्रण और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी अवसर पैदा हो सकते हैं। लाभार्थियों की आजीविका और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में होने वाले बदलावों का दो चरणों में आकलन किया जाएगा।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि योजना के लाभार्थियों को दिल्ली की लागू इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 के तहत निर्धारित खरीद प्रोत्साहनों का लाभ मिल सकेगा। उबर, ओला, भारत टैक्सी और रैपिडो जैसे सेवा प्रदाताओं से चालकों को छह महीने तक निःशुल्क पंजीकरण और सदस्यता सुविधा देने का अनुरोध किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य इस पहल के माध्यम से महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ दिल्ली में स्वच्छ और सुरक्षित परिवहन को प्रोत्साहित करना है।














