नई बसें शामिल होने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 5,238 हो जाएगी। राजधानी के कुल बस बेड़े में लगभग 6,988 बसें होंगी, जिनमें 1,750 सीएनजी बसें शामिल हैं। सरकार की योजना वित्त वर्ष 2028-29 तक कुल बसों की संख्या बढ़ाकर करीब 14 हजार करने की है।
नई इलेक्ट्रिक बसें वातानुकूलित और निचले तल वाली होंगी। इनमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन बटन, वास्तविक समय में बसों की जानकारी देने वाली प्रणाली और दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच जैसी सुविधाएं रहेंगी।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और चार्जिंग ढांचे का विस्तार करने से पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार यात्रियों को सुविधाजनक और भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
दिल्ली परिवहन अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड ने आनंद विहार आईएसबीटी में उच्च क्षमता वाला सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है। इस बस टर्मिनल पर प्रतिदिन लगभग 1.25 लाख यात्री आते हैं और औसतन 2,300 बसों का संचालन होता है। यहां डीटीसी, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, उत्तराखंड परिवहन निगम और अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली बसें भी संचालित होती हैं।
डीटीसी ने नंद नगरी, रोहिणी सेक्टर-37, नांगलोई और केशोपुर डिपो में भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। अन्य स्थानों पर उच्च क्षमता वाले चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम जारी है। सरकार के अनुसार, इस विस्तार से इलेक्ट्रिक बसों के साथ दूसरे इलेक्ट्रिक वाहनों को भी चार्जिंग सुविधाएं मिल सकेंगी।














