हाफलोंग, 13 अक्टूबर।
असमिया संगीत जगत के जाने-माने गायक जुबीन गर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मुकदमे में नामजद मुख्य आरोपी अमृतप्रभा महंत को आखिरकार सलाखों के पीछे से राहत मिल गई है। मंगलवार की सुबह चेहरे पर मास्क लगाए हुए वे हाफलोंग कारागार के मुख्य द्वार से बाहर आईं। ज्ञात हो कि वे बीते करीब एक साल से इसी जेल में निरुद्ध थीं।
दरअसल, गौहाटी उच्च न्यायालय द्वारा नौ अक्टूबर को उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली गई थी। अदालत के इस आदेश के परिपालन में मंगलवार प्रातः उनकी रिहाई संभव हो सकी। जुबीन गर्ग प्रकरण में दर्ज प्राथमिकी और कानूनी दस्तावेजों में अमृतप्रभा को प्रमुख अभियुक्त के रूप में नामजद किया गया है।
गौरतलब है कि गायक जुबीन गर्ग सितंबर 2025 में एक सांस्कृतिक आयोजन, नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शिरकत करने सिंगापुर प्रवास पर गए थे। इसी दौरान 19 सितंबर को समुद्र में तैराकी के वक्त यह दुखद हादसा घटित हुआ, जिसमें उनकी जान चली गई थी।
अमृतप्रभा महंत भी उस समय जुबीन गर्ग के साथ सिंगापुर यात्रा पर मौजूद थीं और वे कथित रूप से उस यॉट पार्टी का भी हिस्सा थीं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी छानबीन पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। हालांकि, अदालत से मिली यह जमानत उन्हें आरोपों से पूरी तरह मुक्त नहीं करती है और इस पूरे मामले में न्यायलयीन प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।














